मुजफ्फरनगर में बुर्का पहन वोट डालते पकड़ा गया शख्स? जानें

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लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर सीट से बीजेपी प्रत्याशी संजीव बालियान ने वोट देने पहुंची बुर्के में महिलाओं के चेहरे की जांच न किए जाने का मुद्दा उठाते हुए फर्जी मतदान का आरोप लगाया। उनके बयान पर विवाद थमा भी नहीं कि सोशल मीडिया पर बुर्का पहने एक पुरुष की तस्वीर के साथ यह दावा किया गया संजीव बालियान ने सही मुद्दा उठाया है।

फेसबुक पर ‘भा.ज.पा : Mission 2019‘ ग्रुप में Tanmay Tiwari नाम के यूजर ने इन तस्वीरों को पोस्ट करते हुए कैप्शन लिखा, ‘मुजफ्फरनगर मे संजीव बालियान ने सही मुद्दा उठाया है बुर्का वोट जिहाद को बढ़ावा दे रहा है, मतदान केंद्र के बाहर ही बुर्के वालियों की जांच हो चेहरे का मिलान हो 72 हूरों की इच्छा रखने वाले ही बुर्के मे हूर बनकर जा रहे हैं। कई जगह पर ये हूरे बुर्के मे कैद हुई पकड़ी गईं।’

एक अन्य फेसबुक यूजर Indresh Mishra Sonu ने भी इस तस्वीर को पोस्ट किया और साथ में लिखा, ‘मुजफ्फर नगर में शबनम की जगह सद्दाम द्वारा बुरका पहन कर वोट डाला गया, भाजपा प्रत्याशी #संजीव वालियान ने की थी शिकायत सामने आई तस्वीर !! #प्लीजVote4BJP’

इसी दावे के साथ ट्विटर पर भी लोगों ने ये तस्वीरें शेयर कीं।

सच क्या है?

ट्विटर और फेसबुक पर जो तस्वीरें वायरल हो रही हैं वह 4 साल पुरानी यानी 2015 की है। हालांकि, उस वक्त भी यह तस्वीर सोशल मीडिया पर ही वायरल हुई थी। सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया था कि तस्वीर में दिखने वाला शख्स आरएसएस का कार्यकर्ता है जिसे बुर्का पहने आजमगढ़ के मंदिरों में बीफ फेंकते हुए पकड़ा गया था।

कैसे की पड़ताल
वायरल हो रही तस्वीर को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने से आपको यह पता लग जाएगा कि तस्वीर 11 अप्रैल 2019 की नहीं बल्कि 2015 की है।

SCOOPWHOOP और India.com ने 2015 के अक्टूबर में इस तस्वीर को लेकर स्टोरी भी पब्लिश की थी। हालांकि, दोनों ही रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि नहीं की गई है कि तस्वीर में दिखने वाला शख्स आरएसएस का ऐक्टिविस्ट है या फिर उसे बीफ फेंकने के आरोप में पकड़ा गया था।

टाइम्स फैक्ट चेक भी इस तस्वीर की सच्चाई की पुष्टि नहीं कर सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट है कि फोटो को लेकर किया जाने वाला ताजा दावा एकदम फर्जी है।

निष्कर्ष
टाइम्स फैक्ट चेक ने पाया है कि मुजफ्फरनगर में लोकसभा चुनाव की वोटिंग के दौरान बुर्के में एक शख्स के पकड़े जाने का दावा गलत है और इसके साथ जो तस्वीर शेयर की जा रही है वह 2015 की है।